ग्रामीणों ने बताया कि वन अधिकार कानून 2008 के अंतर्गत उनके पास ज़मीन का नक्शा प्रमाण पत्र हैं पर उनके वनाधिकार पट्टे नहीं होने के कारण उन्हें कृषि के लिए डीएपी यूरिया आदि उर्वरक नहीं मिल रही है।
Prime News Network
2026-06-09 18:54:12